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एनई रेलवे मज़दूर यूनियन ने के0आर0 चटर्जी को अर्पित की श्रद्धांजलि

गोरखपुर । गोरखपुर जनपद के एन ई रेलवे मज़दूर यूनियन के तत्वाधान में महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष स्व के आर चटर्जी (दादा)के पुण्य तिथि श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता हरि राम गुप्ता ने किया।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सहायक महामंत्री एवं नरमू के महामंत्री जे के एल गुप्ता ने स्व. के आर चटर्जी को महान क्रांतिकारी नेता बताते हुए उनके किये गए उलेखनीय कार्यो को क्रमवार चर्चा किया।उन्होंने कहा कि दादा हमारे ही नही सम्पूर्ण रेल कर्मचारियों के लिए कार्य करते हुए सारा जीवन अविवाहित रहते हुए हम लोगो को छोड़ कर चले गये। दादा का नारा था ' अन्याय के समक्ष सर झुकाना कायरता है, वे एन ई रैलवे मज़दूर यूनियन के प्रेरणा के श्रोत थे। उनके अथक प्रयास से ही प्रिय गुप्त मेमोरियल कन्या इंटर कॉलेज , राम जानकी नगर, बशारतपुर की स्थापना की गई। वे  कर्मचारियों के समस्याओं एवं हितों के लिए हमेशा तत्यपर्य रहा करते थे। वे अपने लिए न कुछ करते हुए जन मानस की सुविधा के लिए अपने अल्प बचत से कई स्थानों पर धर्मशालाओं का निर्माण कराया, गोरखपुर स्थित कुष्ठ सेवा आश्रम में समय समय पर आवश्यकतानुसार सहयोग के रूप में अन्न, वस्त्र, दवाएं आदि का वितरण किया करते थे।

दादा जी के पास रेल कार्यालय के सीट पर जब अधिक लोग आने लगे तब तीन साल पूर्व ही स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर यूनियन कार्यालय से समस्याओं का निपटारा मरते दम तक करते रहे।
चटर्जी दादा रेल कर्मचारियों के जायज़ मांगो हेतु देश व्यापी हड़ताल, 1960, 1968 व 1974 में सक्रिय भूमिका अदा की, परिणाम स्वरूप प्रशासन द्वारा सेवा से रिमूव कर दिए गए थे। गोरखपुर में पधारे रेल राज्य मंत्री राम सुभग सिंह कांड में वे यूनियन के कई नेताओं के साथ ससपेंड हो गए। श्री चटर्जी दादा AIRF के भूतपूर्व अध्यक्ष एवं सांसद कॉ प्रिय गुप्त के अनुयायियों में से एक थे,उन्होंने प्रिय गुप्त मेमोरियल कमेटी नाम के संस्था गठन में विशेष भूमिका अदा की। जिसके तहत अनेक उपयोगी प्रकाशन रेल कर्मचारियों के नियम व कानून के जानकारी हेतु प्रारंभ किया, जिसमे रेल पथ, डी ए आर आदि नामक पत्रिका प्रमुख रहा।

श्रद्धांजलि सभा मे सर्व श्री मुन्नीलाल गुप्ता, नवीन मिश्रा, विनय कुमार श्रीवास्तव, ओंकार सिंह, अजय कुमार गुप्ता, संजय मालवीय, नंदलाल, अतुल सिंह, इंद्रेश, दिलीप धर दूबे आदि ने अपने विचार प्रगट करते हुए कहा कि वे सादा जीवन उच्च विचार के व्यक्ति रहे, उनके कथनी और करनी में अंतर नही था।सभा मे हरीश यादव, साहबान, रामचंद्र यादव, प्रेमचंद, छोटे लाल, पुरषोत्तम सिंह, के एन पी सिंह, विद्यानंद पांडेय आदि उपस्थित रहे। अंत मे 2 मिनट का मौन धारण कर उनके चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।